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वर्ग और वर्गमूल कैसे ज्ञात करते हैं?

नमस्कार दोस्तों इस लेख में हम जानेंगे कि संख्याओं का वर्ग और वर्गमूल (square and square root) कैसे ज्ञात किया जाता है? तथा वर्ग संख्या क्या होती हैं? पाइथागोरस त्रिक क्या है है? तथा दशमलव संख्याओं का वर्गमूल कैसे ज्ञात किया जाता है? तथा इससे जुड़े हुए अनेक तथ्यों के बारे में जानेंगे।

वर्ग और वर्गमूल –

सर्वप्रथम हम वर्ग संख्याओं के बारे में जानेंगे तथा उसके बाद वर्ग और वर्गमूल ज्ञात करना जानेंगे।

वर्ग संख्या –

यदि किसी प्राकृत संख्या m को n² के रूप में व्यक्त किया जाता है, तथा जहां n भी एक प्राकृत संख्या है। तब m एक वर्ग संख्या कहलाती है।

उदाहरण : – कुछ वर्ग संख्याएं निम्नलिखित हैं –

संख्या वर्ग
11 × 1 = 1
22 × 2 = 4
33 × 3 = 9
44 × 4 = 16
55 × 5 = 25
nn × n = n²
वर्ग संख्या

वर्ग संख्याओं के गुणधर्म

वर्ग संख्याओं के गुणधर्म को समझने के लिए हम एक से बीस तक की संख्याओं के वर्ग को देखते हैं।

संख्यावर्ग संंख्यावर्ग
1111121
2412144
3913169
41614196
52515225
63616256
74917289
86418324
98119361
1010020400
1 से 20 तक संख्याओं का वर्ग

उपर्युक्त सारणी से निम्न निष्कर्ष निकाला जाता है –

  • यदि एक संख्या 1, 0, 4, 5, 6, 9 समाप्त होती है तो वह संख्या एक वर्ग संख्या होती है।
  • यदि एक संख्या के इकाई के स्थान पर 1 या 9 आता है तो इसकी वर्ग संख्या के अंत में 1 आता है।
  • जब कोई वर्ग संख्या 6 पर समाप्त होती है तब वह जिस संख्या का वर्ग होता है, उसका इकाई का अंक 4 या 6 होता है।
  • यदि किसी संख्या का ईकाई का अंक 0 है तो इसकी वर्ग संख्या का ईकाई का अंक भी 0 होता है।
  • यदि किसी संख्या का ईकाई का अंक 5 है तो इसकी वर्ग संख्या का ईकाई का अंक भी 5 होता है।

संख्याओं का वर्ग ज्ञात करना –

किसी भी संख्या का वर्ग ज्ञात करना आसान होता है यदि संख्या 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 तक हो तो उस संख्या को उसी संख्या से गुणा करके प्राप्त किया जा सकता है। किन्तु बड़ी संख्याओं का वर्ग निम्नलिखित प्रकार से ज्ञात किया जाता है। इसको निम्न उदाहरण द्वारा समझा जा सकता है –

उदाहरण – 23 का वर्ग ज्ञात कीजिए?

हल – 23² = (20 + 3)² = (20 + 3) (20 + 3) = 20(20 + 3) + 3(20 + 3)

= 20×20 + 20×3 + 3×20 + 3×3

= 400 + 60 + 60 + 9

= 529

अत: 23² = 529

पाइथागोरस त्रिक –

यदि m > 1 एक प्राकृत संख्या है तथा यदि (2m)² + (m² – 1) = (m² + 1)

उदाहरण – एक पाइथागोरस त्रिक ज्ञात कीजिए जिसकी सबसे छोटी संख्या 6 है?

हल – पाइथागोरस त्रिक 2m, (m² – 1), (m² + 1) होती है

तब, 2m = 6 or m = 6/2 or m = 3

m² – 1 = 3² – 1 = 9 – 1 = 8

m² + 1 = 3² + 1 = 9 + 1 = 10

अत: पाइथागोरस त्रिक 3, 8, 10 हैं।

वर्गमूल ज्ञात करना –

जिस प्रकार योग की प्रतिलोम संक्रिया घटाना होता है तथा गुणा की प्रतिलोम संक्रिया भाग होता है। उसी। प्रकार वर्गमूल का प्रतिलोम संक्रिया वर्ग होता है। इसे निम्न तालिका द्वारा समझा जा सकता है –

कथननिष्कर्षकथननिष्कर्ष
1² = 1√1 = 16² = 36√36 = 6
2² = 4√4 = 27² = 49√49 = 7
3² = 9√9 = 38² = 64√64 = 8
4² = 16√16 = 49² = 81√81 = 9
5² = 25√25 = 510² = 100√100 = 10
वर्ग और वर्गमूल

अभाज्य गुणनखंड की प्रक्रिया द्वारा वर्गमूल ज्ञात करना –

अभाज्य गुणनखंड विधि में संख्या के अभाज्य गुणनखंड किये जाते हैं। इस विधि को एक उदाहरण की सहायता से समझते हैं।

उदाहरण – 6400 का वर्गमूल ज्ञात कीजिए?

वर्ग और वर्गमूल
अभाज्य गुणखण्ड द्वारा वर्गमूल

हल : 6400 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5

अब हम प्राप्त अभाज्य गुणखण्ड के एक-एक युग्म बनाते हैं।

6400 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5 = 2 × 2 × 2 × 2 × 5 = 80

अतः √6400 = 80

भागफल विधि द्वारा वर्गमूल ज्ञात करना

भागफल विधि एक सरल विधि होती है इस विधि को हम एक उदाहरण की सहायता से समझते हैं।

उदाहरण – 529 का वर्गमूल ज्ञात कीजिए?

हल : 529 का वर्गमूल ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित चरणों पर विचार करेंगें।

वर्ग और वर्गमूल
भागफल विधि द्वारा वर्गमूल
  • चरण 1 : इकाई स्थान से प्रारंभ करते हुए प्रत्येक युग्म पर बार लगाइए । यदि अंकों की संख्या विषम है तब बाएँ तरफ़ एक अंक पर बार लगाइए ।
  • 529 इस प्रकार लिखते हैं । वह सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए जिसका वर्ग सबसे बाई तरफ़ के बार के नीचे लिखी संख्या से कम या बराबर हो। सबसे बाईं बार के नीचे भाज्य के साथ भाजक और भागफल के रूप में इस संख्या को लीजिए । भाग कीजिए और शेषफल ज्ञात कीजिए ( इस स्थिति में 1 है । )
  • चरण 2 : अगली बार के नीचे की संख्या को शेषफल के दाएँ लिखिए । ( अर्थात् इस स्थिति में 29 है । ) अतः अगली भाज्य 129 होगी ।
  • चरण 3 : भाजक को दुगुना कीजिए और इसे इसके दाएँ में खाली स्थान के साथ लिखिए ।
  • चरण 4 : रिक्त स्थान को भरने के लिए सबसे बड़े संभावित अंक का अनुमान लगाइए जो कि भागफल में नया अंक होगा और नए भाजक को नए भागफल से गुणा करने पर गुणनफल भाज्य से कम या बराबर होगी ।
  • चरण 5 : इस स्थिति में 42 x 2 = 84 चूँकि 43 x 3 = 129 , अतः शेषफल प्राप्त करने के लिए नया अंक 3 चुनते हैं 2 क्योंकि शेषफल 0 है और दी गई संख्या में कोई अंक शेष नहीं है , अतः √529 = 23

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यदि एक प्राकृत संख्या m को n² के रूप में व्यक्त कर सकते हैं , जहाँ n² भी प्राकृत संख्या है , तब n एक वर्ग संख्या है।
  • सभी वर्ग संख्याओं के अंत में इकाई स्थान पर 0 , 1 , 4 , 5 , 6 या 9 होता है।
  • वर्ग संख्याओं के अंत में शून्यों की संख्या केवल सम होती है।
  • वर्गमूल , वर्ग की प्रतिलोम संक्रिया है।
  • एक पूर्ण वर्ग संख्या के दो पूर्ण वर्गमूल होते हैं । धनात्मक वर्गमूल को संकेत √ द्वारा व्यक्त किया उदाहरणार्थ , 32 = 9 , √9 = 3 होता है ।

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